ब्रम्हांड जो बना है अग्नि जल वायु पृथ्वी आकाश इन पंचमहाभूतों के मिश्रण से धरती पर हर जिव प्राणी पौधे मनुष्य पशु जलचर सभी जीवो की रचना इन्ही पंच महाभूतों से हुई है l जब भी इन तत्त्वों में असंतुलन निर्माण होता है अप्राकृतिक घटनाएं होती है, ठीक इसी तरह से इंसान के शरीर में इन पांच तत्त्वों का असंतुलन हो ता है तब मनुष्य के शरीर में बीमारि त्त्वों से बने शरीर को प्राकृतिक रूप से करिये ठीक l रोगी नहीं रोग के कारण को करिये ठीक l दवाई नहीं भोजन ही दवा है l नाश्ता भोजन चलना हसना गहरी नींद और अपनी सकारात्मक जीवन पद्धति से ही अपने रोह करिये ठीक l शुगर, बीपी, कोलेस्ट्रॉल, वजन, थकान, कमज़ोरी, अनिद्रा, घुटने पैरो में दर्द, जैसे सभी बीमारियों को प्राकृतिक पद्धतिया जैसे नेचुरोपैथी , पंचकर्म, आयुर्वेद, भोजन विज्ञान योग, प्राणायाम से करिये ठीक l रोग मुक्त होने के लिए बनिए योगयुक्त l